त्रिमूर्ती की जुगलबंदी से भाजपा में बन रहे हैं नए समीकरण

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ग्वालियर। भारतीय जनता पार्टी की राजधानी भोपाल में मंगलवार को कोर समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन के बारे में विभिन्न बिंदुओं पर गहन चर्चा हुई। लेकिन इसी दौरान सबसे ज्यादा ज्यादा चर्चा का विषय रही भाजपा की त्रिमूर्ती की जुगलबंदी।
आईए हम आपको बता दें, इस त्रिमूर्ती के बारे में। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा। इन तीनों दिग्गज की चर्चा इसलिए सबसे ज्यादा होती रही, क्योंकि ये तीनों जेट एयरवेज की फ्लाइट से दिल्ली से एक साथ आए। तीनों के बीच अकेले में काफी लंबी चर्चा भी हुई।
भाजपा सूत्रों की माने तो यह चर्चा दो अपै्रल को हुए बंद के दौरान ग्वालियर-चंबल अंचल में पनपी हिंसा के साथ प्रदेश अध्यक्ष को बदलने पर हुई। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष का हटना तय हो चुका है कि लेकिन नया अध्यक्ष कौन हो? इस बात की सहमति नहीं बन पा रही है। माना जा रहा है सत्ता और संगठन हर हाल में नरेंद्र सिंह तोमर को एक बार फिर प्रदेश अध्यक्ष बनाने के साथ ही उनके व शिवराज के संयुक्त नेतृत्व में चुनाव लड़ने का मन बना चुका है। लेकिन जातिगत समीकरण और किसी भी प्रकार के उप चुनाव के होने के चलते उन्हें अध्यक्ष के पद से दूर रखने की कवायद चल रही है।
ऐसे में पार्टी का एक धड़ा ब्राह्मण को अध्यक्ष बनाने के पक्ष में हैं, जबकि नरेंद्र सिंह तोमर व कैलाश विजयवर्गीय इसके पक्ष में नहीं दिख रहे हैं। वहीं यदि पार्टी से जुड़े कुछ खास लोगों की मानी जाए तो प्रभात झा की भी दिली तमन्ना है कि उन्हें पार्टी का अध्यक्ष बनाया जाए। लेकिन उनकी कार्यप्रणाली के चलते कुछ लोग उन्हें पद से दूर ही रखना चाहते हैं। ऐसे में देखना होगा कि त्रिमूर्ती में से किसका पलड़ा भारी पड़ता है?

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