सोनचिरैया सेंचुरी के बीच से गुजरेगा NH-3 बायपास, आसान होगा सफर

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ग्वालियर । संसदीय क्षेत्र ग्वालियर के घाटीगांव के सोनचिरैया अभयारण्य से साडा यानी विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के बीच से होकर गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-3 अब तेजी से आकार लेने लगेगा । वन एवम् पर्यावरण मंत्रालय के अड़ंगे के कारण लम्बे अरसे से इसका निर्माण रुका हुआ था, लेकिन क्षेत्रीय सांसद और केंद्रीय ग्रामीण विकास , पंचायत एवम् खान मंत्री नरेन्द्रसिंह तोमर के लगातार प्रयासों से अब यह अड़ंगा दूर हो गया है । पर्यावरण, वन एवं जलवायु (वाइल्ड लाइफ डिवीजन) की बीते रोज 18 अप्रैल 2018 को संपन्न स्टैण्डिंग कमेटी की बैठक में सोनचिरैया अभयारण्य से बायपास निर्माण को हरी झंडी मिल गई है ।

कहा जा सकता है कि महज एक पखवाड़े के अंदर अपने सांसद और केंद्रीय मंत्री तोमर की अपने अंचल और खासकर अपने संसदीय क्षेत्र के लिये यह पांचवी और राष्ट्रीय स्तर की तीसरी बड़ी उपलब्धी है । पहली बड़ी उपलब्धी ग्वालियर को छब्त् यानी राष्ट्रीय राजधानी परिक्षेत्र में शामिल कराना, दूसरी सोनचिरैया अभ्यारण से बाईपास निर्माण की स्वीकृति, तीसरी चंबल नदी से ग्वालियर के लिए पेयजल आपूर्ति परियोजना (259.34 करोड़), चैथा रायरु से नयागांव तक (आगरा-मुबंई राजमार्ग) फोरलेन मार्ग (154.95 करोड़) की स्वीकृति एवं पांचवी प्रधानमंत्री आवास एवं अधोसंरचना के द्धितीय चरण के अंतर्गत ग्वालियर में 3408 आवास( 311 करोड़ स्वीकृत.) बनेंगे.

कहा जा सकता है कि लगातार विकास के नये आयाम स्थापित करने के कारण श्री नरेन्द्रसिंह तोमर ’ष्विकास नक्षत्रष्’ के रूप में उभरे हैं । उनकी उपलब्धियां इस नाम को सार्थक भी करती हैं । बताना मुनासिब होगा कि साडा से होकर गुजरने वाले छभ् – 3 के बायपास पर ग्रहण लग जाने से न केवल राष्ट्रीय राजमार्ग की उपयोगिता प्रभावित हो रही थी, बल्कि साडा का विकास भी अवरूध्द हो गया था । इस भारी अड़ंगे के दूर हो जाने से जहाँ एक ओर संबंधित एजेंसी को छभ् – 3 के बायपास निर्माण के लिए वन विभाग के आधिपत्य की सोनचिरैया अभयारण्य की 15. 516 हेक्टेयर मिल जायेगी, वहीं दूसरी ओर राजस्व विभाग अपनी 3.555 हेक्टेयर भूमि देने को पहले से राजी है । फलतः बायपास को आकार देनेवाली एजेंसी कुल 19. 074 हेक्टेयर पर बेरोकटोक निर्माण कर पायेगी । यह भी बता देना जरूरी है कि बिना तालमेल और प्रयास के पर्यावरण एवं वन तथा वन्य जीव संरक्षण मंत्रालय से निर्माण कार्यों केलिए छव्ब् प्राप्त कर लेना संभव नहीं है । ग्वालियर केलिए चंबल का पानी मुहैया कराना भी ’भगीरथ-प्रयास’ से कम नहीं है, किंतु उसके लिए भी केंद्रीय मंत्री तोमर ने जी- जान लगाकर खाका तैयार कर लिया है ।

ग्वालियर राष्ट्रीय राजधानी परिक्षेत्र में शामिल हो जाने से जहाँ ग्वालियर की तकदीर चमकेगी वहीं चम्बल यहाँ के वाशिंदों की प्यास बुझायेगी । ग्वालियर महानगर के अंदर रेलवे के चार ओवरब्रिज जहाँ यातायात को सुगम बनायेंगे, वहीं नयागांव से होकर गुजरने वाली फोरलेन सड़क विकास की गति को रफ्तार देगी । सांसद और केंद्रीय मंत्री श्री तोमर की उपलब्धियों में 311 करोड़ की उस राशि को जोड़ना भी जरूरी होगा, जो उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत कराई है । इस राशि से निर्धन आवासहीनों के लिए 3408 आवासों का निर्माण कराया जा रहा है । कभी श्री तोमर के धुर विरोधी और आलोचक रहे लोग भी यह मानने लगे हैं, उन्होंने नित नये विकास कार्यों को मूर्तरुप देकर ’ष्विकास नक्षत्रष्’ नाम सार्थक कर दिखाया है । नक्षत्र वही है जो नभमण्डल में अपनी अलग चमक रखता है ! केन्द्रीय मंत्री तोमर ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डाँ हर्षवर्धन को धन्यवाद दिया है|

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