असुरक्षित बेटियां : 11वीं की छात्रा से चलती कार में किया गैंगेरप, 11घंटे बाद सड़क पर फेंका

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श्यामवीर चावड़ा,नोएडा |कठुआ और उन्नाव गैंगरेप की घटनाओं पर देशभर में लोगों के रोष को देखकर सरकार ने जहां के रेप के खिलाफ कानून को और सख्त बनाया है वहीं महिलाओं के खिलाफ अपराध रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला ग्रेटर नोएडा का है जहां एक प्राइवेट स्कूल की 11वीं की छात्रा को कार में तीन लोगों ने बंधक बनाकर गैंगरेप किया। आरोपियों में एक पीड़िता का रिश्तेदार और एक क्लासमेट शामिल है। ये तीनों 11 घंटे तक इस नाबालिग लड़की को शहर की सड़कों पर घुमाते रहे और आधी रात को नॉलेज पार्क की सुनसान सड़क पर उसे फेंककर फरार हो गए।पुलिस के मुताबिक, 18 अप्रैल को लड़की की स्कूल बस मिस हो गई थी, जिसके बाद वह पैदल घर जा रही थी। आरोप है कि पुलिस तीन दिन तक मामले को दबाए रखा। मामले में पॉक्सो ऐक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई।

ग्रेटर नोएडा कोतवाली पुलिस ने बताया कि पी-3 सेक्टर स्थित एक सोसायटी में रहने वाली पीड़ित छात्रा नाबालिग है और कासना में स्थित एक स्कूल में 11वीं में पढ़ती है। वह स्कूल बस से आती-जाती है। 18 अप्रैल को भी वह स्कूल बस से ही स्कूल गई थी।

पुलिस के अनुसार, 2.30 बजे छुट्टी होने के बाद उसकी स्कूल बस मिस हो गई थी और वह अपनी दोस्त के साथ पैदल घर जा रही थी। इसी दौरान पीड़िता का दूर का रिश्तेदार नवीन और क्लासमेट अंकित एक और युवक के साथ कार से वहां पहुंचे और घर छोड़ने के बहाने पीड़िता को कार में बिठा लिया।छात्रा का आरोप है कि कार में बंधक बनाकर आरोपियों ने उसका मुंह बंद कर दिया और चलती कार में तीनों ने गैंगरेप किया। शाम 3 बजे तक वह घर न पहुंची तो परिजनों ने तलाश शुरू की। स्कूल से पता चला कि छात्रा चली गई है। बाद में परिजनों ने ग्रेटर नोएडा कोतवाली में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। वह पुलिस को 18-19 अप्रैल की रात करीब 2 बजे नॉलेज पार्क स्थित गलगोटिया कॉलेज के पास सुनसान सड़क पर मिली। ग्रेटर नोएडा कोतवाली के एसएचओ राम भुवन सिंह का कहना है कि छात्रा को आरोपियों ने रात 1.30 बजे सड़क पर फेंक कर फरार हो गए थे। छात्रा के बयान पर के आधार पर गैंगरेप और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। सभी आरोपित फरार हैं। उनकी तलाश की जा रही है।

स्कूल की लापरवाही
छात्रा ने जहां स्कूल बस छूटने की बात कही है वहीं स्कूल का कहना है कि वह अपनी मर्जी से पैदल गई थी। स्कूल के प्रिंसिपल नित्यानंद शर्मा का कहना है कि छात्रा पेट में दर्द होने की बात कहकर बस से नहीं गई थी। पीड़िता ने कहा था कि उसके पिता उसे लेने के लिए आ रहे हैं। लिहाजा वह पैदल चली गई। अब स्कूल पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं, क्योंकि सीबीएसई दवारा जारी सेफ्टी नियमों के अनुसार, अगर बच्चा स्कूल बस से घर जाता है तो उसे इस तरह नहीं छोड़ा जाना चाहिए। अगर वह अपनी मर्जी से भी रुकता है तो भी परिजनों को सूचना देनी चाहिए थी। बताया जा रहा है कि यह स्कूल बीजेपी के एक नेता का है।

बता दें कि इससे पहले 14 अप्रैल को ऑफिस से घर जा रही एक युवती के साथ यमुना एक्सप्रेस पर चलती कार में गैंगरेप किए जाने की घटना सामने आई थी। नोएडा ऑफिस में काम करने वाली युवती को घर छोड़ने के बहाने लिफ्ट दी गई थी। उल्लेखनीय है कि यूपी की योगी सरकार उन्नाव केस को लेकर पहले ही आलोचनाओं से घिरी हुई और महिलाओं के साथ बढ़ते अपराध ने सरकार की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

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