अजमेर क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षा संस्थान का दर्जा

अजमेर। केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि देशभर के क्षेत्रीय शिक्षा संस्थानों को क्रमोन्नत कर राष्ट्रीय शिक्षा संस्थान बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के इस फैसले से अजमेर क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान को भी राष्ट्रीय शिक्षा संस्थान का दर्जा मिल जायेगा जावड़ेकर ने बुधवार को अपरान्ह नई दिल्ली की विज्ञान भवन एनेक्सी में National Council of Educational Research and Training (NCERT) की 55वी साधारण वार्षिक कौंसिल बैठक में यह जानकारी दी। जावड़ेकर ने राजस्थान मे आँगनवाड़ियो को स्कूलों से जोड़ने व सरकारी स्कूलों में बीएड ट्रेनिंग की अनिवार्यता आदि का विशेष उल्लेख किया।

उन्होंने राजस्थान में मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे के दूरगामी विजन और शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी के गंभीर प्रयासों से शिक्षा के क्षेत्र में हुए नवाचारों की सराहना की और कहा कि प्रदेश शिक्षा में रुचि लेकर उत्तरोत्तर आगे बढ़ रहा है। बैठक में राज्यों के शिक्षा मंत्री, सचिव व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कॉन्सिल सदस्यों ने भाग लिया।

इस अवसर पर राजस्थान के शिक्षा राज्य मंत्री श्री वासुदेव देवनानी ने अजमेर सहित देश के पांचों शिक्षा संस्थानों में शारीरिक शिक्षा का चार वर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम शुरू करने की मांग रखी। साथ ही मैसूर व भुवनेश्वर की तरह अजमेर में भी एमएससी एमएड कोर्स शुरू करवाने का आग्रह किया। देवनानी ने अहमदाबाद में बंद हुए NCERT के प्रकाशन विभाग को अजमेर शुरू कराने की मांग भी रखी। उन्होंने मैसूर की तर्ज पर अजमेर, भोपाल, भुवनेश्वर आदि संस्थाओं में भी विज्ञान उद्यानों, वेट लैंड, छोटे वाटर हेबिटेट विकसित करवाने का अनुरोध भी किया। साथ ही पाचवी एवं आठवीं बोर्ड की परीक्षाओं में पास व फेल परिणामों की पद्धति अध्यादेश के जरिये लागू करने की मांग भी रखी। उन्होंने बताया कि राजस्थान में परिणामों की ग्रेडिंग देने का काम शुरू कर दिया गया है।

’अब देश में चलेगा समग्र शिक्षा अभियान’बैठक में बताया गया कि एस एस ए, रमसा, टीचर्स एजुकेशन आदि को एकीकृत कर अब देश में समग्र शिक्षा अभियान चलाया जायेगा। इसी प्रकार छठी से बाहरवीं कक्षा तक कस्तूरबा विद्यालय शुरू किए जायेंगे। इस वर्ष शिक्षा का बजट 20 हजार से बढ़ कर 34 हजार करोड़ किया जा रहा है,जिसे अगले वर्ष बढ़ा कर 41 हजार करोड़ कर दिया जायेगा। साथ ही एस आईईआरटी,डाइट,बीआरसी,सीआरसी की शत प्रतिशत फंडिंग के लिए केंद्र सरकार ग्रांट देगी। इसके अलावा हर स्कूल को स्वच्छता अभियान, लायब्रेरी व खेलों के विकास के लिये 5 से 10 हजार रु दिए जायेंगे। बीएड कोर्स अब दो वर्षीय एकीकृत कोर्स के रूप में चलेगा। स्कूलों की कक्षा मेंअब ब्लैक बोर्ड डिजिटल बोर्ड होंगे।

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