डाटा ऑपरेटर से लेकर आंगनबाड़ी कर्मियों, प्रेरकों, कोटवारों और कईयों को बीजेपी ने ठगा है :- डॉ.महंत

जांजगीर चाम्पा – छग प्रदेश काँग्रेस इलेक्शन कैम्पेन कमेटी के चेयरमेन व पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. चरणदास महंत ने चुनाव प्रचार के अंतिम चरण की ओर अग्रसर होते अपने तेवर भाजपा व उसकी सरकार के लिए तीखे किए हैं। डॉ. महंत ने कहा कि प्रदेष की 15 साल की भाजपा सरकार ने अपने ही शासन के कर्मचारियों को छलने से नहीं छोड़ा तो जनता की क्या परवाह करेंगे? भाजपा के प्रति आम जनता के साथ-साथ कर्मचारियों में काफी आक्रोष भीतर ही भीतर फूट रहा है जो मतदान दिवस पर बैलेट यूनिट का बटन दबाते वक्त फटेगा। प्रदेष की सरकार झूठी घोषणाएं, झूठे वादे करते-करते 15 साल तक तो चल गई किन्तु अब नहीं चलने वाली। सरकार को चलाने में, उसकी योजनाओं के क्रियान्वयन से लेकर तमाम प्रषासनिक गतिविधियों, चिकित्सा, अनौपचारिक षिक्षा, स्वास्थ्य के सुचारू संचालन में सहयोग देते हैं, वे सभी अब अपने आप को छला महसूस करने लगे हैं। चुनाव के पहले और समय-समय पर प्रदेष में हड़ताल, आंदोलन इस सरकार की नाकामी और नाराजगी बताने के लिए पर्याप्त है, इन्हें तत्कालिक तौर पर शांत करने के लिए झूठे आष्वासन का सहारा तो दिया जाता है किंतु उस पर अमल नहीं करते। कांग्रेस एक ऐसी पार्टी है जो अपनी सरकार के सभी कर्मचारियों के हितों का ख्याल रखती आई है और जनता ने मौका दिया तो उनकी बेहतरी के लिए एवं लंबित मांगों को पूरा करने, समस्याओं का निराकरण करने का काम प्राथमिकता से करेंगे। जांजगीर-चांपा जिले के सक्ती विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-35 से कांग्रेस प्रत्याषी डॉ. महंत ने कहा कि प्रदेष का लिपिक वर्ग भाजपा सरकार और स्वयं मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के रवैये से खासा नाराज हैं। उनकी वेतन विसंगति का निराकरण तो दूर व्यापम की परीक्षा में लिपिकों को रिष्वतखोर बताकर सवाल किया जाता है और सीएम उस पर मौन रहते हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं को तमाम कार्यों में लगाने के बाद भी उनका मानदेय न्यूनतम 18 हजार रूपए करने, सामाजिक सुरक्षा देने, वर्षों से सेवा देते आ रहे आंगनबाड़ी कायकर्ताओं को उनके अनुभव व षिक्षा के आधार पर विभागीय सुपरवाईजर पदोन्नति, उनका नियमितीकरण आदि मांगों को दर किनार किया गया है। इसी तरह पंचायत सहायक सह डाटा एंट्ी ऑपरेटर, नर्स संघ और उससे जुड़े कई हजार लोग, लिपिक संघ, कोटवार संघ, प्रेरक संघ, जूनियर डॉक्टर, जूनियर डॉक्टर फेडरेषन, संजीवनी व महतारी के कर्मचारी, लघु वेतन कर्मचारी, पुलिस और उनका परिवार, मितानिन, चतुर्थ वर्ग कर्मचारी, रसोईया, लाखों किसान व उनके संघ, राज्य के नगर सैनिकों, लोक कलाकारों आदि प्रायः सभी वर्ग के लोग, व्यापारी वर्ग भी सरकार के उदासीन रवैये से दुखी हैं। डॉ. महंत ने ऐसी सरकार को उखाड. फेकने का आव्हान कर कहा कि इन तमाम लोगों की बेहतरी के कांग्रेस संकल्पित है।

बीजेपी का अहंकार तोड़ना है !

डॉ. महंत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन और उनके भारी-भरकम मंत्रियों का प्रचार करने प्रधानमंत्री मोदी को उनके क्षेत्र में जाकर प्रचार करना पड़ रहा है वहीं अमित शाह को गली-गली, रोड शो लेकर घूमना पड़ रहा है। इससे ही बीजेपी को समझ जाना चाहिए कि छग विधानसभा 2018 के चुनाव मंे उसकी हालत क्या है? 15 साल से बीजेपी के मंत्रियों की कारगुजारियों से आम जनता त्रस्त है। इन मंत्रियों की हालत यह है कि इनके कहने पर लिपिकों, पुलिस कर्मियों, षिक्षाकर्मियों व अन्य कर्मचारियों के न्यायसंगत कार्य तक नहीं होते हैं।

चुनाव के बाद धान बेचेंगे किसान !

बीजेपी ने चुनाव को ध्यान में रखकर मंडियों में धान की बिक्री तो प्रारंभ कर दिया है लेकिन अब किसानों ने मन बना लिया है कि वे चुनाव के बाद ही अपना धान बेचेंगे और बढ़े अनाप-षनाप बिजली बिल को हाफ करके पटाएंगे। युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त करने के लिए 25 सौ रूपए प्रतिमाह की राशि दी जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *