भाजपा ने किसानो के साथ केवल छल-कपट ही किया है.. किसान आज आत्महत्या को मजबूर – रणदीप सिंह सुरजेवाला

बिलासपुर – मोदी सरकार और छत्तीसगढ़ में रमन सिंह की भाजपा सरकार ने किसानों के हाथ केवल छल कपट किया है लाचार परेशान बेबस किसान धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में आत्महत्या की दहलीज पर खड़ा है बड़े-बड़े वादों की झड़ी लगा भाजपा के पिछले 15 सालों से छत्तीसगढ़ में किसानों को सर्वाधिक ठगा है।

भारत में धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में रमन सिंह की सरकार ने किसानों को एक पूरी पीढ़ी को ही अनाथ बना दिया है साथ ही अगली पीढ़ियों को भी तबाह करने का कानूनी इंतजाम कर दिया है रमन हो या मोदी राज केंद्र हो या मध्य प्रदेश भाजपा सरकार किसानों के लिए अभिशाप साबित हुई है भाजपा के किसान विरोधी फैसले इस तथ्य पर मुहर लगाते हैं।

मुख्य प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी ने बताया सूखा राहत बनी एक जुमला कहने का मतलब प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सिर्फ कागजी शेर बनकर रह गई है तथा सिर्फ बीमा कंपनियों को मुनाफा हुआ है छत्तीसगढ़ के किसानों से निजी बीमा कंपनियों को फसल बीमा योजना राशि जमा करवाई 645 करोड रुपए और उन्होंने किसानों को मुआवजा दिया मात्र 290 करोड रुपए किसान की कीमत पर मुनाफा कमाया 351 करोड़ी आने की 55% मुनाफा इस प्रकार पूरे देश में बीमा कंपनियों ने फसल बीमा योजना से तीन फसल सीजन में 16099 करोड का मुनाफा कमाया है छत्तीसगढ़ में तो किसानों को फसल बीमा योजना में ₹2 तक का मुआवजा भी नहीं मिला देश के इतिहास में ऐसा धोखा किसानों के साथ कभी नहीं हुआ।
किसान पहुंचा आत्महत्या के कगार पर हर रोज 3 किसान मजदूर आत्महत्या को मजबूर..
छत्तीसगढ़ में हर 8 घंटे में एक किसान मजदूर आत्महत्या को मजबूर है केंद्र सरकार ने लोकसभा में बताया कि 2014 16 में छत्तीसगढ़ में 2391 किसान मजदूरों ने आत्महत्या की यानी लगभग हर 8 घंटे में एक किसान खेत मजदूर द्वारा आत्महत्या खुद छत्तीसगढ़ सरकार ने भी विधानसभा में 21 दिसंबर 2017 को माना कि 1 अप्रैल 2015 से 30 अक्टूबर 2017 तक यानी डेढ़ साल में 1344 किसानों ने आत्महत्या की यह अपने आप में रमन सिंह सरकार की नाकामी की कहानी बताती है।
किसानों का हक दिया उद्योगपति के हिस्से में..
रमन सिंह सरकार ने कांग्रेस सरकार द्वारा लगाई गई सिंचाई बांध नहर परियोजना के तहत पानी के उपयोग का अधिकार किसानों से छीनकर उद्योगपति को दे डाला राज्य गठन के समय कुल सिंचाई क्षमता 13.78 लाख हेक्टेयर थी कांग्रेस ने शासन के पहले 3 साल में कुल 2.23 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता निर्मित हुई यानी 13.28+2.23 = 15.51 लाख हेक्टेयर.. इसके विपरीत पिछले 15 सालों में रमन सिंह सरकार के मुताबिक भी मात्र 5 लाख तक की सिंचाई क्षमता अर्जित की गई इस पर शक है क्योंकि राजस्व विभाग के साल 2017-18 के प्रशासकीय प्रतिवेदन में सिंचित भूमि मात्र 18. 45 लाख एक्टर बताई गई यानी 15 साल में मात्र 3.5 लाख हेक्टर भूमि की वृद्धि।
कांग्रेसी सरकार के कार्यकाल में पूरे राज्य में नहरों का जाल बिछाया गया था लेकिन भाजपा शासित 15 सालों में रमन सिंह ने महानदी का पानी अपने सूट-बूट मित्रों के काम पर जाने के खौफ से एक भी नाहर नहीं बनाई इतिहास में पहली बार रमन सिंह सरकार ने जनता को बरगला कर रोकता बांध बेच डाला यही हाल इंद्रावती शिवनाथ खारुन अर्पा इत्यादि जीवन देने वाली नदियों के साथ किया गया।

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