भिंड से श्योपुर तक बनेगा चम्बल एक्सप्रेस-वे , विकास की नई राह बनाएगा : शिवराज सिंह

भिंड। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने रविवार को भिंड में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने चंबल एक्सप्रेस वे बनाने का निर्णय लिया है। यह एक्सप्रेस वे चंबल संभाग के तीनों जिलों की सीमा से होकर गुजरेगा और उत्तर प्रदेश व राजस्थान को जोड़ेगा।इसके निर्माण होने से चंबल के बीहड़ों में उद्योगों की स्थापना के साथ ही अन्य विकास कार्य आसानी से हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री यहां ओला प्रभावित किसानों की फसलों का जायजा लेने आए थे और किसानों की जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने गिरगांव में हाईस्कूल खोलने और गिरगांव से दंदरौआ तक सड़क निर्माण कराने की घोषणा भी की।
इस मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार लालसिंह आर्य, क्षेत्रीय सांसद डॉ. भागीरथ प्रसाद, विधायकद्वय नरेन्द्र सिंह कुशवाह, मुकेश सिंह चतुर्वेदी एवं प्रदेश उपाध्यक्ष अरविन्द सिंह भदौरिया प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
संकट में हम किसानों के साथ
मुख्यमंत्री ने कहा है कि ओला एवं बेमौसम बारिश से किसानों की फसले तबाह हुई है, लेकिन हम उनकी जिंदगी तबाह नहीं होने देंगे। संकट की इस घडी में सरकार पूरी ताकत के साथ किसानों के साथ खडी हुई है। फसलो की क्षति का तत्परता से आंकलन कराया जा रहा है और किसानों को शीघ्र ही राहत मुहैया भी कराई जाएगी। अगर किसानों को कोई आपत्ति हो तो वे पुनः अपने खेत का सर्वे भी करा सकते है। उन्होंने कहा कि भिण्ड जिले के 73 गांव ओला से प्रभावित हुए है। इनका सर्वे शत प्रतिशत होगा।
बेटी के विवाह मिलेंगे 25 हजार
शिवराज सिंह ने कहा कि जिन किसानों ने फसल का बीमा नहीं कराया है। उनकी भरपाई सरकार खुद कराएगी। जिन किसानों की फसलों का नुकसान 50 प्रतिशत से ज्यादा हुआ है, उनकी बेटियों के विवाह के लिए सरकार 25 हजार रूपए की आर्थिक सहायता मुहैया कराएगी। साथ ही ओला प्रभावित किसानों की कर्ज वसूली स्थगित की जाएगी, कर्ज का व्याज सरकार भरेगी। उन्होंने किसानों के खेतों पर पहुंचकर उनकी फसलों को देखा। इस दौरान उन्होंने बीएसएफ के जवान कमलेश गुर्जर की दुर्घटना में मृत्यु होने पर शोक प्रकट किया।
किसानों के मसीहा है मुख्यमंत्री
राज्यमंत्री लालसिंह आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री हमेशा से ही किसानों के दुखदर्द में शामिल रहे हैं। फसल के नुकसान की किसानों से ज्यादा मुख्यमंत्री को चिंता है। वे प्रदेश के ऐसे मुख्यमंत्री है, जो स्वयं किसानों के खेतो में जाकर क्षति हुई फसल का मुआयना करते है। सही मायने में वे किसानों के सच्चे मसीहा हैं।

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