कमलनाथ का बड़ा बयान बोले सिंधिया के नेतृत्व में लड़ा जाएगा विधान सभा चुनाव

प्रदेश में होने वाले आगामी विधान सभा चुनावों को लेकर कांग्रेस की ओर से सबसे लोकप्रिय नेता के तौर पर उभर रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर लोगों में गजब का उत्साह है। भाजपा भी कांग्रेस की ओर से सिंधिया को चेहरा घोषित किए जाने से पहले ही चिंतित नजर आ रही है। ऐसे में प्रदेश की राजनीति में खास वजूद रखने वाले कमलनाथ के बयान ने सिंधिया का कद बड़ा दिया है। अब इस बात की भी काई गुंजाइश नहीं रही है कि कांग्रेस पार्टी एक नहीं है, नाथ का साथ सिंधिया का हाथ मजबूत कर प्रदेश में नए राजनीतिक समीकरण का आगाज करेगा। जो आने वाले समय में भाजपा के लिए खतरे की घंटी हो सकती है। पढ़िए पूरी खबर

राजनीतिक संवाददाता। पूर्व केंद्रीय मंत्री कमलनाथ ने बुधवार को दिए अपने बयान से प्रदेश के लाखों कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के चेहरे खिला दिए हैं। कार्यकर्ताओं को जैसी उम्मीद थी उसी अनुरूप उन्होंने अपने दिल की बात कह कर उनके अरमान पूरे कर दिए… अब बस इंतजार है तो कांग्रेस हाईकमान की ओर से ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम की अधिकृत घोषणा का।

जानिए क्या बोले कमलनाथ
कमलनाथ ने गुना हवाई पट्टी खबरनवीसों से चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में होने वाला अगला विधान सभा चुनाव ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में लड़ा जाएगा।उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और मेरे कोई राजनीतिक संबंध नहीं हैं हमारे पारीवारिक संबंध हैं। यदि ज्योतिरादित्य सिंधिया प्रदेश में विधान सभा चुनावों की जिम्मेदारी संभालते हैं तो मुझे कोई ऐतराज नहीं होगा।
कमलनाथ ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता हर हाल में प्रदेश से भृष्ट और गैर जिम्मेदाराना सरकार को उखाड़ फैंकना है। क्योंकि इस वक्त पूरे देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकारों के खिलाफ माहौल बनना शुरु हो गया है। लोग खुले तौर पर भाजपा सरकारों का विरोध कर रहे हैं।

हम साथ-साथ हैं और एकजुट हैं
कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश से भाजपा सरकार को उखाड़ फैंकने के लिए हम साथ-साथ हैं और एकजुट हैंै। सिंधिया की प्रदेश में गजब की लोकप्रियता है और वे सर्वमान्य नेता हैं ऐसे में हमें उनके नेतृत्व में किसी प्रकार का कोई गुरेज नहीं होना चाहिए।

कालूखेड़ा को श्रद्धांजलि देने आए थे कमलनाथ
पूर्व मंत्री एवं विधायक महेंद्र सिंह कालूखेड़ा के निधन पर मंुगावली में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शिरकत करने के लिए कमलनाथ आए थे। गुना हवाई पट्टी से वे सड़क मार्ग से मुंगावली पहुंचे। इस दौरान वहां प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत सहित कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी वहां मौजूद थे। स्व. कालूखेड़ा का सिंधिया परिवार के साथ गहरा लगाव होने के कारण अपने इलाके में खासे लोकप्रिय थे और इसी के चलते वहां दिग्गज जुट रहे हैं। कांग्रेस भी इस सीट को प्रतिष्ठा सवाल बनाकर उपचुनाव लड़ सकती है।

अब बस आखिरी घोषणा का इंतजार
सूत्रों की माने तो गुजरात दौरे पर जाने से पहले राहुल गांधी और कमलनाथ की दिल्ली में हुई मुलाकात के दौरान उन्होंने सिंधिया को अपना समर्थन देने की बात कह दी थी। लेकिन इसे विधिवत तरीके से मीडिया के सामने कहना था। क्योंकि कांग्रेस आलाकमान भी इस बार प्रदेश में चुनावों में किसी तरह की गुटबाजी और विरोधाभास देखना नहीं चाह रहा है और हर हाल में 14 साल के वनवास को खत्म करने की मंशा के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी है। कमलनाथ के बयान के बाद अब सिंधिया समर्थकों एवं प्रदेशभर के कांग्रेसियों को आलाकमान की घोषणा का इंतजार है, जो शायद नवमी के दिन की जा सकती है।….फिर प्रदेश में शुरू होगी सिंधिया बनाम शिवराज की लड़ाई |

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