छात्र संघ चुनाव : ABVPऔर NSUI के बीच होगा मुकाबला, भाजपा और कांग्रेस की प्रतिष्ठा लगी दांव पर

ग्वालियर। लंबे अर्से के बाद हो रहे छात्र संघ चुनावों को लेकर छात्र राजनीति करने वाले युवाओं में गजब का उत्साह देखा जा रहा है। भविष्य में राजनीति का सफर तय करने वाले इन युवा छात्र नेताओं के लिए यह चुनाव राजनीति की एबीसीडी साबित होंगे। जीत का सेहरा किसके सिर सजेगा और किसके हाथ आएगी हार ये तो वक्त ही बताएगा? लेकिन 30 अक्टूबर सोमवार को होने वाले चुनाव को लेकर सरगर्मिया बढ़ गई हैं। क्योंकि छात्र संघ का यह चुनाव भाजपा और कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का प्रतीक जो बन गया है। ऐसे में देखना होगा कि चुनाव किस के लिए फायदे का सौदा साबित होगा।

जीवाजी विश्वविद्यालय सहित शहर की एक दर्जन से अधिक काॅलेजों में छात्र संघ चुनाव होंगे। इनमें से 476 सीटों में से 90 पर चुनाव होना है। चुनाव के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ( ABVP), भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) व डेमोक्रेटिक स्टूडेंट आॅर्गेनाईजेशन (DSO) मैदान में हैं। लेकिन ABVPऔर NSUI के बीच सीधा मुकाबला है। ऐसे में इन दोनों संगठनों के छात्र नेताओं को जिताने के लिए राजनीतिक दल भी अप्रत्यक्ष रूप से अपनी भागीदारी निभा रहे हैं।

कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने
छात्र संघ चुनाव में ABVP के लिए भाजपा और NSUI के लिए कांग्रेस समर्थन कर रही है। भाजपा के जिलाध्यक्ष देवेश शर्मा, साडा अध्यक्ष राकेश जादौन व भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष विवेक शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी ABVPके प्रत्याशियों को जिताने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। वहीं NSUI के लिए कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रद्युम्न सिंह तोमर, कांग्रेस उपाध्यक्ष सुनील शर्मा व युवा कांग्रेस नेता कुलदीप शर्मा भी जमकर पसीना बहा रहे हैं।

इन काॅलेजों में होना है चुनाव
शहर के जीवाजी विश्वविद्यालय सहित केआरजी काॅलेज, एमएलबी काॅलेज, साइंस काॅलेज, भगवत सहाय काॅलेज, विजयाराजे गल्र्स काॅलेज, झलकारीबाई काॅलेज, माधव काॅलेज, पीजीव्ही काॅलेज, जेसी मिल काॅलेज, संस्कृत महाविद्यालय व एसएलपी काॅलेज के अलावा अन्य काॅलेजों में चुनाव होंगे।

शहर में भी ABVP का पलड़ा भारी
छात्र संघ चुनाव में वैसे तो सीधे तौर पर ABVP और NSUI के बीच मुकाबला होना है। लेकिन छात्रों के रूझान और केम्पस के नजारे देखने से पता चल रहा है कि इन चुनाव में ABVP बाजी मारने वाली है। क्योंकि भाजपा के बढ़ते प्रभाव और नेताओं की सक्रियता के चलते पूरे प्रदेश सहित शहर में भी ABVP का पलड़ा भारी दिख रहा है। हालांकि NSUIभी आसानी से हार मानने वाली नहीं है उसके युवा नेता और कांग्रेस के पदाािकारी अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए अपनी पूरी ताकत झौंकने में लगे हुए हैं।

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